Thursday, January 3, 2013

रेप रोकने हैं तो चूहे भगाओ .....अथ रेप पुराण ...........भाग 5

                                  एक  जमींदार  था ........गाँव में रहता था ......खेती बाड़ी करता था ...और काम धंदे  भी थे , भरा पूरा परिवार था ....एक दिन सो के उठा तो देखा नीचे बच्चे हल्ला मचा रहे हैं .....उसने नौकर से पूछा क्या बात है .......नौकर ने बताया बच्चे बवाल कर रहे हैं ......क्यों ? कहते हैं की घर में  ज्यादा बदबू आ रही है ....रहना दूभर हो गया है ........तो  साले तू यहाँ क्या कर रहा है ......जा कमरे में अगरबत्ती जला  दे . हुज़ूर  अगरबत्ती से काम नहीं चलेगा , बदबू ज्यादा है .....अबे बदबू ज्यादा है तो दो जला दे ..........और नौकर ने दो अगरबत्ती जला  दी ........जमींदार निश्चिंत हो गया , उसने बढ़िया ब्रेकफास्ट किया और किरकिट देखने लग गया ......मजेदार गेम चल रहा था , चौके छक्के लग रहे थे ............दोपहर में नौकर भागा  भागा  आया .......हुजुर आप यहाँ मज़े ले रहे हैं , वहाँ बच्चे सब बवाल मच रहे है ........जमींदार ने खिड़की से झाँक के देखा ....तो देखा कि  घर के बच्चे सब कोठी के गेट के सामने छाती पीट रहे थे .......और मोहल्ला पूरा तमाशा देख रहा है .....अब जमींदार का माथा ठनका ...भागा भागा  नीचे आया ........पता लगा की बदबू से जीना मुहाल है बच्चों का ..........उसने वहीं सबके सामने नौकर को चार लात मारी  .........साले तुझे कहा था अगरबत्ती लगाने को ....हुजुर दो दो लगाई थे .........अबे दो और लगा देता ........लौंडे सब गला फाड़ के  चीखने लगे .......कभी बेडरूम से बाहर भी आया करो .......खुद तो सार दिन AC में पड़े रहते हो , देखो तो सही हम किस हाल में जी रहे हैं ........लौंडे चीख रहे थे , मोहल्ला देख रहा था ....बड़ी किरकिरी हुई जमींदार की .......बेगम तक बात पहुंची ....बेगम ठहरी बहुत इमोशनल .........उनकी तो जैसे आँखों से नदी बहने लगी .....एक साफ़ सुथरे बच्चे को गोद में उठा लिया , महरिन से  उस बच्चे के गाल , dettol से धुलवाए , और उसे चूम लिया ..... गाँव में बात जंगल की आग की तरह फ़ैल गयी , अरे रानी साहिब ने आज एक बच्चे की चुम्मी ली .......जमींदार खुश हुआ ....चलो इमेज में कुछ तो सुधार हुआ .........शाम तक उसने जांच कमीशन बैठा दिया ........गाँव भर से सुझाव आने लगे .........कोई बोला ,  घर में ही अगरबत्ती की फैक्ट्री लगा लो  .......किसी ने कहा scent छिड़क दो . कोई बोल घर में हवन कराओ .....एक ने कहा की बगीचे में चमेली और रात की रानी के पौधे लगवाओ . गाँव भर में मीटिंग और सेमीनार होने लगे ........ chemistry के एक टीचर ने गन्दी गैस का पूरा विश्लेषण कर दिया ............की फलां फलां गैस के मिश्रण से ऐसी बदबू पैदा होता है ....सो अगर फलां फलां गैस कमरे में छोड़ दें तो उस से ये बदबू दब जाएगी .........एक ने सुझाव दिया की घर में exhaust  fan  तक तो है नहीं .......जमींदार हड़क गया ....उसने तुरंत exhaust fan  लगवाने के लिए tender issue कर दिया ..........मिस्त्री लगवा दिए ....हर कमरे में रोशनदान खुलवाने लगा ...........उधर बात रानी साहिब के  दिल को लग गयी थी ....वो अन्दर चिहाड़ मार के रो रही थी ........पत्रकार फोटो खींच रहे थे ....मीडिया लाइव दिखा रहा था .......रानी की सूजी हुई आँखें ........पल्लू आंसुओं से भीग गया था ............लौंडे साले अब भी गेट पे खड़े धरना प्रदर्शन कर रहे थे .......अब इतनी सर्दी में भूखे  प्यासे , बेचारे बच्चे ..... गेट पे खड़े .......उन्होंने कारिंदों से कहा जल्दी हटाओ इन्हें ......बोलो  अपने अपने कमरे में जाएँ  .....पर लौंडे साले इतने बदमाश की हटने को तैयार नहीं .......अब ज़मींदार भड़क गया .....उसने कारिंदों से कहा , नहीं जाते तो सालों पे पानी मारो .........पर हुज़ूर  इतनी सर्दी में पानी ?????? जमींदार बोला .......स्स्साले ....अभी उतारूं तेरी सर्दी .....ज़ल्दी हटा इन्हें गेट से ......और कितनी भद्द पिटवाएगा  ???????? कारिंदों ने  भर भर बाल्टी पानी फेंकना शुरू किया .....रानी साहिबा  खिड़की से सब देख रही थी ....युवराज गोदी में लेटे दूध पी रहे थे ..........बच्चों पे पानी की बौछार देख के उनका वात्सल्य उमड़ आया ......छाती में  दूध  उतर आया ........ लगी चिंघाड़ कर रोने ....हाय हाय ....पापी इतनी सर्दी में पानी डाल  रहा है ....अरे लाठी चार्ज कर दे .........आँसू  गैस के गोले मार दे ...........न कुछ तो घोड़े दौड़ा दे .....टैंक चढवा दे , पर पानी न मार ........तुरंत कारिंदों को फोन लगाया ....और कारिंदों ने लाठी डंडे से पीट पीट के लौंडों को गेट से भगाया ......फिर आदेश दिया की सब लौंडों को कमरे में बंद करो .....ताला लगाओ ........कोई बाहर नहीं निकलना चाहिए ....अब गेट पे कोई दिखना नहीं चाहिए .........लौंडे सब अपने कमरे में हैं ........बदबू से कमरे में रहना मुहाल है ....ज़मींदार scent छिड़क रहा है .........ड्राइंग रूम में सेमीनार चल रहा है ....गरमा गर्म बहस चल रही है ........हर कमरे में sensor लगवा रहे हैं .....automatic मशीन लगवा रहे हैं .......सेंसर ज़रा सी बदबू को भी सूंघ लेगा और अपने आप scent छिड़क  देगा .........सेमीनार ख़तम हुआ ......बड़े बड़े दिग्गज भाषण दे के बाहर निकले ........बाहर सड़क पे एक बूढा खड़ा था .....उसने कहा , अरे भैया घर में कही चूहा मर गया लगता है .........एक साइंटिस्ट हंस पड़ा ........यहाँ इतनी बड़ी समस्या आन खड़ी  हुई है ........ और आप जनाब अभी चूहों में ही उलझे हुए हैं ..........बाकी सब ठठा के हंस पड़े ......बूढ़े ने एक कान के पीछे  लगाया .....झन्नाटे दार .........अबे बेवक़ूफ़ ........घर में कोई चूहा मरा  सड़  रहा है ....पहले उसे ढूंढो ......उसे उठा के बाहर फेंको .....कमरा धो पोंछ के साफ़ करो .......फिर अगर बत्ती जलाना .....तब घर रहने लायक होगा .........फिर घर से सारे चूहे भगाओ ......इस बात का इंतज़ाम करो की आगे से कोई चूहा या कोई जानवर घर में न घुसने पाए .....अगर गलती से कोई घुस जाए तो पकड़ के बाहर करो .....घर में कोई चूहा मरना नहीं चाहिए .......अगर मर जाए तो तुरंत ढूंढ के ज़मीन में गहरा दफ़न करो बेटा  ........समझे बच्चा ??????? ये scent छिड़कने से कुछ नहीं होगा .......दो चार मिनट के लिए बदबू दब जाएगी बस  .....पर मरे हुए चूहे को तो फेंकना ही पड़ेगा ...........
                                    समझे बच्चा ?????? ये फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट बनाने से बलात्कार नहीं रुक जायेंगे ..........या बस की काली पन्नी उतरवाने से ...........या दिल्ली में CCTV लगवाने से ...........ये जो  चूहे देश भर में पल रहे हैं न ............. इन्हें कण्ट्रोल करो भैया ........कैसे ????????????????????????????????????????

                                                                                                       CONTINUED







































3 comments:

  1. दुर्धर्ष व्यंग्य....

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  2. झन्नाटेदार

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