Thursday, May 26, 2016

कुत्ते के बच्चे को कौन अगोर सकता है


दोस्तों , इस पोस्ट की भाषा के लिए कृपया मुझे क्षमा करेंगे .

कुत्ता पाला है कभी ? या कभी कुत्तों को देखा है ? देखा माने observe किया है ? मोहल्ले की कोई कुतिया जब heat में आती है तो क्या होता है ? शहरी लोग बेचारे जीवन के बहुत मजेदार दृश्यों से वंचित रह जाते हैं ............ हाँ तो साहब मोहल्ले की कोई कुतिया जब heat में आती है तो क्या होता है ? अजी जनाब क्या दृश्य होता है .......पूरा मुहल्ला इराक बन जाता है ......... साले देस भर के कुत्ते जमा हो जाते हैं ....... वो आगे आगे कुत्ते पीछे पीछे ..........चिल्ल पों मची रहती है ...... हमारे पास भी एक कुत्ता होता था ......पिता जी उसे बाँध दिया करते थे ....... सोच लीजिये बेचारे के साथ कितना बड़ा अन्याय होता रहा होगा ........रोता था ......चीखता था ......हुआँ हुआँ करके रोता था ......इतना रोता था की रात भर सोने नहीं देता था ......... अंत में पिता जी तंग जाते और खीज के उसे खोल देते .......... जा भाई जा ......जा साले जा .....मर ......जा ले ऐश .....पर अब आना मत लौट के ........ जा . और वो ऐसे भागता जैसे जेल से छूटा हो ....... और फिर लौटता हफ्ते भर बाद ..........पर अल्लाह बड़ा ही दयालु है और अल्लाह सब जानता है .......... उसने सिस्टम बड़ा अच्छा बनाया है ........ पहला ये की गाँव भर में बस 4-6 कुत्तियाँ ही होती हैं .......दुसरे साल भर में सिर्फ दो बार ही heat पे आती हैं ....... हफ्ते भर के लिए .........इसलिए गाँव में छोटा मोटा दंगा ही होता है .......पूरा मुल्क इराक बनने से बच जाता है ......सोच के देखिये की गाँव में 2-400 कुत्तियाँ हों और हमेशा heat पे ही रहे .....क्या होगा ?

इस पोस्ट को आगे पढ़ते हुए ये कुत्तों वाला किस्सा याद रखियेगा .........माफ़ी एक बार और मांग लेता हूँ ...... कान पकड़ के ........

हुआ ये है की स्कूल में 13 साल के लड़के ने 13 साल की लड़की का rape कर दिया है ........ अभिभावक बंधु स्कूल में घुस के बवाल काट रहे हैं ......तोड़ फोड़ कर रहे हैं ....... मार पीट कर रहे हैं ........ कहते हैं की हमारे बच्चे स्कूल में सुरक्षित नहीं हैं ....... प्रिंसिपल और स्टाफ को फांसी पे लटकाओ ........ उन ने हमारी लड़की की रखवाली नहीं की ........ वाह सुनील बाबू ..........बढ़िया है .

20 साल मैंने स्कूल ही चलाया है ........अब श्रीमती जी एक बड़े स्कूल की प्रिंसिपल हैं ........ आज से 25 साल पहले जब स्कूल शुरू किया था तो बोल दिया था .....देखो भैया ..... तो MA Bed हूँ , न कोई मान्यता है , न बिल्डिंग है और affiliation ......न कोई certificate मिलेगा TC mark sheet ......... सिर्फ और सिर्फ पढाई मिलेगी ....... जिसको पढवाना है पढ्वाओ वरना ऐसी की तैसी कराओ .......भाई लोगों ने उपाय निकाल लिया ......बच्चों का नाम लिखवा देते थे प्राइमरी स्कूल में और भेजते थे मेरे पास ......पेड़ के नीचे बैठा के पढाता था .........अपनी शर्तों पे ....अपने हिसाब से ........ आगे चल के जब पूरा स्कूल बन गया तो सरकार की लाल फीता शाही और अभिभावकों के दबाव में पढाई तो घुस गयी तेल लेने और सिर्फ रजिस्टर भरे जाने लगे ....... हमने हाथ खड़े कर दिए .......भैया पढ़ा सकते हैं ....रजिस्टर किसी और से भरवा लो ....... आज धर्म पत्नी एक बहुत बड़े स्कूल की प्रिंसिपल हैं ....127 किस्म की फाइल और रजिस्टर भरने पड़ते हैं ........ स्कूल की मास्टरनियां पढाई के नाम पे सिर्फ और सिर्फ copy check करती हैं ....यदि बच्चे ने बिंदी की भी गलती की है तो उसे भी लाल पेन से मार्क करना है .........एक भी गलती छूटनी नहीं चाहिए ........ प्रिंसिपल और अभिभावक खाल उतार लेंगे .........

अब नया बवाल गया ........अबे छोडो पढाई और कॉपी किताब ......पहले ये देखो की कौन कहाँ जा रहा है .........क्या कर रहा है ........ एक बड़े स्कूल में कम से कम 100 ऐसी जगहें और कोने होते हैं जहां कोई कुत्ता किसी heat में आई कुतिया पे चढ़ जाए

.........sexual maturity जो बच्चों में किसी ज़माने में 15-16 साल की उम्र में आया करती थी आजकल 9-10 साल में जा रही है ........ TV और संचार माध्यमों में नंगा नाच चल रहा है और सिर्फ और सिर्फ sex ही परोसा जा रहा है .......खुल के .......बेशर्मी से .........उस नंगे नाच को बच्चे दिन रात देख रहे हैं ....... 10 साल की लड़की boyfriend खोजने लगती है ........ संस्कार गया तेल लेने ....... ब्रह्मचर्य की बात मत करो , condom का महत्व पढाओ ......... भैया स्कूल वो मुहल्ला बन गया है जहां 2-400 कुत्तियाँ साल भर heat में घूम रही हैं ........ और 4-600 कुत्ते हैं.........जीभ निकाले ........ सूंघते.......... पीछे पीछे ........
प्रिंसिपल आदमी के बच्चे को तो सम्हाल लेगी ...... कुत्ते के बच्चे को कौन अगोर सकता है .......पढ़ाओगे या कुत्ते अगोरोगे ............

भाषा के लिए माफ़ी फिर मांग लेता हूँ कान पकड़ के .........

3 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (27-05-2016) को "कहाँ गये मन के कोमल भाव" (चर्चा अंक-2355) पर भी होगी।
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    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. प्रणाम दद्दा

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  3. प्रणाम दद्दा

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