Saturday, February 9, 2013

Afzal Guru Cries Foul .......he's been cheated

                                            दीन  के शहीद हो के  अफज़ल मियाँ जल्दी जल्दी चले जा रहे थे ....ज़न्नत पहुँचने का चाव था ......वहाँ बताया था कि  ज़न्नत में 72 हूँरें होंगी .....कमसिन .....कुंवारी .......6 से 9 साल की  ....... वहाँ पहुंचे तो हॉल खचाखच भरा था .......मुग़ल सराय के रेलवे प्लेटफार्म की तरह ........ कांव कांव मची थी ....शोर शराबा ....भीड़ भड़क्का .....भाई लोग लड़ झगड़ रहे थे ......... हर चीज़ के लिए मारा मारी थी .............हूर एक भी न थी  ....अलबत्ता कुछ लौंडे थे ......गिलमान .........पर वो भी कमसिन नहीं .........बूढ़े ठांठ  .....न दूध की नदियाँ , न पानी की नहरें ..........हॉल के कोने में एक टूटी लगी थी ............न कोई रिसेप्शन न कोई रिसीव करने वाला .........उन्हें मुगालता हुआ ....कहीं साले गलत तो नहीं ले आये ....देव दूतों से बोले .... अबे कहाँ ले आये ...अरे मियाँ हमारी तो ज़न्नत की बुकिंग है .......ये कहाँ ले आये दोज़ख में ........देव दूत बोले ........हुज़ूर सही लाये हैं ......... ज़न्नत ही  है ....अफज़ल भाई का माथा घूम गया ........ ये तो सरासर धोखा है ......वहाँ मौलवी तो साला ज़न्नत की बड़ी rosy picture paint करता था ........ i will sue you ......cosumer court में ले जाऊंगा .......मुझे बेवक़ूफ़ समझा है क्या ........
                            देव दूतों ने समझाया ....हुज़ूर गुस्सा थूक दीजिये ......... शांत हो जाइये .......किसी ने झूठ नहीं बोला  है , किसी ने धोखा नहीं दिया है ..........हुज़ूर यही ज़न्नत है .......मौलवी ने जो प्लान दिखाया था , सब सही था .....आपको वही पैकेज मिलना था ..........पर क्या है कि  इधर भीड़ थोड़ी बढ़ गयी है .........रोजाना हज़ारों आ रहे हैं शहीद हो के ......... ज़न्नत में दरअसल जगह कम पड़  गयी है ........ अब कहाँ से लायें रोजाना इतनी हूरें ........ ऊपर से इतना सख्त क्वालिटी कण्ट्रोल .......कुवांरी , कमसिन ,वो भी एक आध नहीं  चाहिए ....हर आदमी को 72 ......पुराने ज़माने में तो उठा लाते थे हिन्दुस्तान से ........पर अब ज़माना बदल गया है हुज़ूर .......अब नहीं मिलने की हूर परी ....... जो एक आध लौंडा मिले उसी से काम चला लीजिये ........ वो भी आपस में शेयर कर के ........ वीकली टर्न मिल जाती है .......बाकी खाना पीना मिल ही जाता है ...हाँ पानी की थोड़ी shortage  है ....... अब हम भी क्या करें हुज़ूर ...हमने तो कई बार लिख के भेजा  है ...... कि  ये मिस सेलिंग न करें ......  इतना बड़ा package promise ना करें .........perks कम कर दें ....पर हमारी सुनता कौन है ....... अब मियाँ अफज़ल गुरु वहाँ एक कोने में मायूस बैठे हैं .....सालों को consumer कोर्ट में घसीटूंगा .












11 comments:

  1. kunwariyan to vaise bhi hindustan mein ab kahan bachi hain?

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  2. ��बहुत नाईँसाफि है जी....

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  3. 😂😂😂😂😂😂☺☺☺☺☺☺☺☺😂😂😂😂☺😂☺😂😂😂😂hahahahahahahahahahahahahahahahahahahahhahahahahahahahhahaahahhahahahahahahahahaha

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  4. दद्दा उधेड़ के रख दी

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  5. आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है, अफजल जैसों के लिए जो जन्नत के लालच में इस दुनिया को जहन्नुम बनाए दे रहे हैं ।

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