Friday, April 26, 2013

जब नहीं पास में गूदा , तो क्यों लंका में कूदा

                                                आज़म खान साहेब अमेरिका गए थे .सुनते हैं वहाँ उन्हें रोक के अलग कमरे में बैठा के पूछ ताछ की गयी .दस मिनट तक रोक के रखा गया . इस से पहले सुनते हैं की शाहरूख खान से नेवार्क अड्डे पे दो घंटे पूछ ताछ हुई थी .जोर्ज फर्नांडीज़ के कपडे उतरवा के तलाशी ली थी ......पूर्व राष्ट्रपति के शायद जूते उतरवा दिए थे .......कोई एक सरदार जी की  पगड़ी उतरवा दी थी .........
                                                मेरे एक मित्र हैं . उनके घर का नियम है .वो लोग घर में जूता चप्पल नहीं ले जाते .अब भैया उनका घर है और उनका नियम है .मैं इसमें क्या कर सकता हूँ . जब भी उनके घर जाता हूँ , चुप चाप बाहर जूते  उतार देता हूँ . सरदार जी लोगों के घर में वो सिगरेट नहीं पीते .उनके घर जा के हमें भी नहीं पीनी चाहिए .हर घर के अपने अपने नियम होते है . होने भी चाहिए .अगर  ज़्यादा दिक्कत है तो मत जाओ उनके घर .पर भाई लोग लाइन लगा के उनके घर जाते हैं .उनके दरवाज़े पे जा के रोते गिडगिडाते है .प्लीज़ मुझे आने दो . मुझे वीज़ा  दे दो . इंग्लॅण्ड अमेरिका वाले वीज़ा फीस लेते है , हज़ारों रूपये .आप बाकायदा फॉर्म भर के, पैसे जमा कर के उनके सामने लिखित रूप में गिडगिडाते है ......प्लीज़ मुझे आने दो अपने यहाँ . देखो मैं रईस आदमी हूँ .देखो इतनी ज़मीन  जायदाद है , इतना बैंक बैलेंस है . इतनी FD है मेरे पास . इतना इनकम टैक्स देता हूँ .वादा करता हूँ वापस आ जाउंगा . वो कहते हैं , अच्छा चल फार्म जमा करा दे , देखेंगे . फिर वो देखते हैं की ये साला  भूखा नंगा है या है किसी काम का .पूरी  जनम पत्री चेक करते हैं .फिर कहते हैं .........ओये ..........श्ह्ह्ह्ह ....इतनी तारिख को आ जा ...तेरा इंटरव्यू लेंगे .....और हम पहुँच जाते हैं  टाई शाई लगा के ........वो पूछते  हैं ....क्यों  भाई , क्यों आना चाहता है तू हमारे  घर . हम कहते है फलाना फलाना काम है , घूमना है , मेरी भतीजी की शादी है , मैं बिजनेस करूंगा .....और वो सामने बैठ के मुस्कुराते है .............साले तेरी औकात है घूमने की ? तूने अपना ताज महल देखा है ? जो तू हमारा देखेगा ............कहाँ रहेगा बे ? क्या खायेगा ? सौ रूपये की चाय मिलती है हमारे यहाँ ....... साले भुक्खड़ , चल भाग यहाँ से ..............फ़ार्म फाड़ के कूड़े दान में डाल देते हैं , पैसे जेब में रख लेते हैं ................और हम खुशी खुशी वापस आ जाते हैं ......धन्यवाद देते की वीसा तो refuse हो गया , पर शुक्र है refusal की stamp नहीं लगाई पासपोर्ट पे .............कुछ दिन बाद फिर ट्राई करेंगे .....................अब ऐसा आदमी आपको घर बुलाएगा , और आप जायेंगे , तो नंगा कर के तलाशी तो लेगा ही . और नहीं तो क्या आपकी आरती उतारेगा . देखो भैया , अपनी फटी में जाते हो वहाँ , इसलिए ये इज्ज़त शोहरत , मान सम्मान यहीं टांग के जाया करो ...............और अगर बहुत प्यारी है इज्ज़त , तो मत जाओ .
                                     हाँ एक  तरीका और है . आप मेरे घर आये . मैंने आपके जूते उतरवा दिए .अगर आपको बुरा लगा तो जब मैं आपके घर आऊं , तो घुसने मत दीजिये , या आप मेरी पैंट उतरवा दीजिये .........मैंने आप से दस मिनट पूछ ताछ की थी , आप मुझसे तीन घंटे पूछ ताछ कीजिये .मैंने आपके कपडे उतार के तलाशी ली थी , आप मुझे नंगा कर के , उलटा लटका के तलाशी लो ........मैंने आपके रक्षा मंत्री की तलाशी ली , आप हमारे राष्ट्रपति के तलाशी लो .........पर उसके लिए हिम्मत चाहिए , गूदा चाहिए . हिदुस्तान और हिन्दुस्तानियों में न वो हिम्मत है , न गूदा .जब नहीं पास में गूदा , तो क्यों लंका में कूदा ..........









8 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा शनिवार (27 -4-2013) के चर्चा मंच पर भी है ।
    सूचनार्थ!

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  2. The blog seems sarcastic, but it is annoyingly true. America and it's citizens neither even know nor do they bother to know, where the heck India falls on the world map. They get confused, the same way when we are asked to locate Java, Sumatra and Borneo on world map. Even poor North Korea has more guts than this corruption laden country.

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    1. मनीष भाई , अपनी आदत नहीं है , चाशनी में लिपटी बात कहने की , बात कडवी तो है , पर है सच , अमेरिका अपना security प्रोटोकॉल निभा रहा है ....ठीक तो है .......उसे नहीं करना किसी का तुष्टीकरण ....चाहे सिख हो या मुसलमान , या हिन्दू ..........और उसे कोई शर्म नहीं ....वो तो छाती ठोक के कहता है . ....हाँ इसलिए चेक कर रहा हूँ क्योंकि तुम मुसलमान हो .....क्योंकि तुम्हारे आतंकवादी होने के संभावना है .......तुम्हे बुरा लगता है तो मत जाओ ......

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  3. बाकी सब बात तो ठीक लगी मगर वीजा नियम के लिए यह लिंक भी देख लें - http://travel.state.gov/visa/temp/types/types_1263.html#temp
    और यह भी बता दूँ कि मेरे कुछ क्लाइंट का भारत आने का वीजा रिफ्यूज हो चुका है.

    हाँ ये बात तो स्वीकार करता हूँ कि हम भारतीय छटपटाते हैं उधर जाने के लिए.

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  4. बहुत सुन्दर और सार्थक प्रस्तुति!
    साझा करने के लिए धन्यवाद!

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  5. बहुत ही सुन्दर रचना! मेरी बधाई स्वीकारें।
    कृपया यहां पधार कर मुझे अनुग्रहीत करें-
    http://voice-brijesh.blogspot.com

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  6. हमारे छटपटाने वाली बात तो जायज़ है....

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